वीर्य को तेज़ी से बढ़ाने के सरल आयुर्वेदिक घरेलू उपाय: निर्माण और सेक्सुअल स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उपाय”

वीर्य को तेजी से श्रीर में बढ़ाने के लिए एक घरेलू आसान सा आयर्वदिक प्रयोग देना चाहता हूं जो ना तो नुक्सान की उसमें कोई गुणजाईश है ना ही वो पचने में भारी है ना ही गरम है वो बहुत तर है इतना हलका है पचने में

पचने में प्रयोग देना चाहता हूं जो ना तो नुक्सान की उसमें कोई गुणजाईश है

ना ही वो बढ़ाने के लिए एक घरेलू आसान सा आयर्वदिक प्रयोग देना चाहता हूं इसको लेने से मैं आपको सबसे पहले कहने चाहता हूं दातू बढ़ेगी, वीर्रे पुष्ट होगा और वेरिको सील की समस्या जिनको है वेरिको सील यानि वीर्रे वाहिनी नाडिया स्पाम जिसमें रहता है वो नाडियां कमजोर पढ़ जाती है

कुछ युवाव की गलत आदतों की गलत आचरन की जीवन में लाइफस्टेल की गड़बडिया शरीर बहुत जदा जिन्नों ने खराब कर लिया, उनको ऐसा मस्या हो जाती है तो इसके प्रियोग से आप कुछ ही हफ्तों में उससे बाहर आ सकते हैं

प्रियोग यह आपको बताऊंगा साथ ही साथ आईसाइट को इंप्रूब करेगा क्योंकि यह विर्य बढ़ेगा तो अल्टिमेटली जब विर्य बढ़ता है शरीर में, सारे रोग अपने आप शांत होने लग जाते हैं, विर्य ही सब कुछ है, आपको पता होगा जैसे गन्ने में रस है, वैसे नसों में

विर्य है, वैसे शिरीर में विर्य है मॉदरन मेडिकल साइंस मेरी इन बातों से इतपाक नहीं रखती होगी, लेकिन आयर्वेद इसमें कहता है कि आपके श्रीर में जो चमक है, ओज है, तेज है, जो आपका व्यक्तित्व है, वो सब विर्य के उपर ही डिपेंड करता है, तो आप इसको अगर मजबूत करना चाहते हैं,

बढ़ाना चाहते हैं, अगर इसको पहले आपने खफत कर लिया, आप इसको जैसे तैसे इसको पूरा करना चाहते हैं, लोस को रिकवर करना चाहते हैं, जितना भी हो पाएगा, मैं इसमें दावा नहीं करता, लेकिन बहुत मदद हो जाएगी, बच्चे से लेकिन बजर्ग के लिए ये काम आएगा, फिर मैं आपको बतादों,

शिरीर में रौनक नहीं है, हरापन नहीं है, वो हरापन इससे आएगा,

जादा देर नहीं करता हुआ, मैं आपको ये प्रयोग बता देता हूँ, इसके लिए आपको पाँचीजे लेने हैं, पहली चीज जो लेनी है, हरी इलाइची के बीज, हरी इलाइची के बीज, आप लिया ये सो गराम, हरी इलाइची ला करके खुद भी निकाल सकते हैं,

पर आपको उसके छिलका यूज नहीं करना है, चाय वगरा में काम आजाएगा, अलग से निकाल कर रखे, बीज ले लिए हरी इलाइची के सो गराम, दूसरी नमबर पर हमें जावित्री चाहिए, जावित्री हमने लेनी हैं 50 गराम,

इन दोनों को पहले आप समझ लेजीए, मैं बार बार बताता हूँ, और भी दो-तीन चीजें हैं, लेकिन इन दोनों को पहले पाउडर कर लो, कुट लो, आपस में मिक्स करके, पाउडर करके रख लो, इसको काँच के कंटेनर में भरके आपने रख लिया, यह दोनों चीजों को, 100 गराम हरी इलाइची के मीच,

50 गराम जावित्री, जावित्री हलवाईयों को पता होगा, आपको मैं स्क्रीन पे भी दिखा रहा हूँ, कई एलाकों में अलग-अलग नाम है, आप इंटरनेट पर सर्च करके, अपनी लैंग्वेज के हिसाफसे आप देख भी सकते हैं, जब हमने दोनों यह ले लिए, पाउडर बना के डिब्बी में रख लिये,

अब अगले प्रोसेस में आते हैं, पिशोरी बढाम की गिरी, या फिर देशी बढाम, जो चोटे साइस का होता है, उसकी गिरी आपने, पांच दानें ले लेने हैं, चार-पांच दानें, रात को कांच के गलास में, पानी में बिगो देने हैं बढाम, सारी रात भीग रहने से,

उनका छिलका नरम पड़ जाएगा, सुबाद छिलका उतार के फैंक दो, बढाम की सफेद गिरीयां निकाल लो, अब करना क्या है, सबसे पहले आप उन बढाम की गिरीयों को कुट लेजीए, बढाम की गिरीयों को कुट करके, चूरा कर लिया पुरा,

कुटने के लिए पथर का खरल यूज करिये, आप मिक्सी यूज नहीं होगी, बार-बार लोग मुझे कई बार पूछ लेते हैं, मैं थोड़ा बीजी आदमी हूँ, क्या मैं मिक्सी में पीस लोग, तो वो मिक्सी में ही सारा लग जाएगा, दूसरी बात, मिक्सी में इसका गुन नहीं आएगा, आयरुवेद कहता है, मरदनम गुनवरदनम,

जिस चीज़ को आप गोट के लेते हो, वो मरदन करते हो, गोट लेते हो, उसको रगड लेते हो, बीट कर लेते हो, वो गुनकारी होती है, अधर्वाईस वेस्ट औफ मनी है, तो ये चीज़ हो गई, बदाम की गिरी आपने भीगी हुई सुबह, खाली पेट, पहले पानी वानी पीलो, तो पर परश होना है,

उसके बाद बदाम की गिरी को, रात की भीगी हुई को खूट लिया, खूट लिया थोड़ा, चूरा हो गई, अब जो मैं आपको एक मिक्षर बनवाया था, हरी इलाइची के बीज और जावित्री का, तो उसको आदा चमच उसमें डाल दो,

तो उसमें जब डाल दिया, आप थोड़ा सा दो चार गुट पानी डाल करके, उसको घोटना शुरू करो, पेस्ट की तरह, बहुत कम पानी डालना है, जस्ट उसको गीला करने के लिए, घोटना शुरू कर दो, तो मैं सामने स्क्रीन पे दिखा भी रहा हूं, हला कि मैंने ये खिलिप जो बनाया था,

ये जल्दी-जल्दी में बनाया, वीडियो के लिए, इसको मैं अच्छी तरह से बीट नहीं भी कर पाया, बहुत महीम चूरन नहीं बना पाया, लेकिन आप अरामसे इसको कर लेना, जितना मेंक्सीमम हो सके, इसको आपने तीनों चीजों को घोटना शुरू कर दिया, और जब आपको लगे,

काफी अच्छा बीट हो गया है, आपने आपने गोट लिया है, तो इसमें थोड़ा सा मिश्री मिला दिजिये, थोड़ा सा मक्खन मिला दिजिये, मक्खन और मिश्री मिला करके, थोड़ा थोड़ा थाना चला लो, यानि कि एक आदा मिनित और कर लो,

ताकि वो मक्खन में जजब हो जाएं सारी वाश्थिदिया, जब ये सारी चीज़ें आपकी मिल गई, जावित्री, हरी एलाइची के बीज, बढाम की भीगी हुई गिरी, मिश्री, और साथ ही साथ मक्खन, ये पाँच चीजें हो गई, थोड़ा सा पानी था, तो पाँच चीजों ने मिल करके,

जब एक फॉम ले ली, यानि पाँचों चीजों ने, अपने इंग्रिडियंट, अपनी कॉलिटी, एक दूसरे से जब एक्शेंज कर ली, इसको बोलते हैं हम, कि संसकार एक दूसरे का, एक दूसरे में आ जाना, जब एक दूसरे का संसकार, तब आप इसको यूज कर सकते हैं,

इसको आप चाट करके खालें, बड़ा ही स्वादिश्ट लगेगा, बच्चे तो चाट चाट के खाएंगे, मांग मांग के खाएंगे, तो ये आपने ले लिया, मक्खन कितना डालना था, आप पूछ सकते हैं, जितना कोई पचा सके, जैसे मैं 2 चमच खाना पसंद करता हूँ,

तो मैं 2 चमच डाल सकता हूँ, कोई 1 चमच ही पचा सकता है, तो 1 चमच डाल ले, मातरा उश्टरियों के पिछे उतनी ही रहेगी, मक्खन ज़्यादा कम,

तो इससे वेट बड़ सकता है, लेकिन यदि आप लिमिट में, 1 चमच मक्खन डाल के थोड़ा सा बना के, थोड़े दिन ले लो, थोड़े दिन बंद कर लो, ऐसा कर लेते हैं, फिर वजन नहीं बढ़ेगा, वैसे भी वजन बहुत कम लोगों का ही, जो लोगों अपने पर बड़ पाएगा,

पर परवार्थ पर परवार्थ करते हैं, पर परवार्थ करते हैं,

पर परवार्थ करते हैं, पर परवार्थ करते हैं, पर परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं,

परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते हैं, परवार्थ करते है,

वीर्य को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक घरेलू उपाय कुछ इस प्रकार हो सकते हैं:

  1. अश्वगंधा: यह जड़ी बूटी वीर्य को बढ़ाने में मदद कर सकती है। आप अश्वगंधा का सेवन पाउडर या कैप्सूल के रूप में कर सकते हैं।
  2. शतावरी: शतावरी भी वीर्य को बढ़ाने में मदद कर सकती है। आप शतावरी के पाउडर को दूध के साथ ले सकते हैं।
  3. व्यायाम: नियमित व्यायाम करना और स्वस्थ आहार खाना भी वीर्य को सुदृढ़ बनाने में मदद कर सकता है।
  4. सुफल: सुफल एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है जो वीर्य की मात्रा को बढ़ा सकती है। इसका पाउडर या चूर्ण ले सकते हैं।
  5. योग और प्राणायाम: कुछ योग और प्राणायाम वीर्य को सुदृढ़ बनाने में मदद कर सकते हैं, जैसे कि भ्रमरी प्राणायाम और केगल व्यायाम।

कृपया ध्यान दें कि आपको इन उपायों को डॉक्टर की सलाह पर आधारित करना चाहिए, खासकर यदि आपको किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है। वीर्य की समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे अच्छा होता है।

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